संविधान की प्रस्तावना में भी संशोधन कर सकती है देश की संसदः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्दों को जोड़ने वाले 42वें संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि संसद को प्रस्तावना में संशोधन का अधिकार है और यह संविधान का अभिन्न अंग है। यह भी स्पष्ट किया गया कि इतने वर्षों बाद इस संशोधन को … Read more